दोस्तों आज Modi जी के बारे में कौन नहीं जानता मोदी जी की आज पूरे दुनिया में फैन है 2014 में जब से Modi जी की सरकार बनी है तब से उनकी लोकप्रियता आसमान छू रही है और यहां तक कि देश के बड़े-बड़े विकासशील देश जैसे अमेरिका चीन रूस से भी ज्यादा लोकप्रियता Modi जी की है और दुनिया में मोदी जी को बोस कहकर पुकारा जाता है मोदी जी जिस प्रकार एक्शन लेते हैं उसे पूरी दुनिया देखती हैं और मोदी जी की तारीफ करती है आपको बता दें कि ये वही मोदी जी है जिसने कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया था
चलिए आपको मोदी जी का पूरा नाम बताते हैं नरेंद्र मोदी जी का पूरा नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी है सभी जानते हैं कि वह हमारे भारत के मौजूदा प्रधानमंत्री हैं जो काफी लोकप्रिय हैं और नरेंद्र मोदी जी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के एक छोटे छोटा सा गांव जिसका नाम वडनगर में हुआ था और आपको बता दें कि उस समय गुजरात मुंबई का हिस्सा हुआ करता था और प्रधानमंत्री जी के पिता का नाम दामोदरदास मोदी था और उनकी माता श्री का नाम हीराबेन मोदी था प्रधानमंत्री के पिता श्री एक चाय की दुकान चलाते थे
Modi जी का सहास
लेकिन चाय की दुकान से ज्यादा आमदनी नहीं होती थी और घर में आर्थिक तंगी भी रहती थीऔर प्रधानमंत्री Modi जी की कहानी एक प्रेरणादायक कहानी है आपको बता दे की मोदी जी बहुत गरीब परिवार से आते हैं लेकिन इस गरीबी को उन्होंने अपने कमजोरी नहीं बनने दी और अपनी जिंदगी में संघर्ष करके बहुत कुछ हासिल किया लेकिन वह कभी संघर्ष करने से भागे नहीं प्रधानमंत्री ऐसे व्यक्ति हैं जो आपदा को अवसर में बदल देते हैं मोदी जी की यही सबसे बड़ी खास बात है कि वह आपदा को अवसर में खोज लेते हैं और उसे मुसीबत से बाहर निकल जाते हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बचपन में अपने पिता श्री के साथ चाय की दुकान पर उनके साथ देते थे और आपको बता दे की मोदी जी ने अपनी शुरुआती शिक्षा अपने गांव में ही पूरी की जो 1967 में उनकी स्कूल के शिक्षा पूरी हो गई और नरेंद्र मोदी जी एक संगठन से जुड़े जिसका नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ था यह संगठन देशभक्ति सीखता है और सामाजिक कार्य भी सीखता है संगठन में रहकर वह 1983 में गुजरात यूनिवर्सिटी से राजनीतिक विज्ञान में मास्टर की डिग्री नरेंद्र Modi जी ने हासिल की यह डिग्री उन्होंने अपनी मेहनत के बल पर ली और उन्होंने किसी से भी मदद नहीं मांगी
Modi जी की शादी
आपको बता दे किModi जी का विवाह उनकी छोटी सी उम्र में ही सगाई हो गई थी जब वह मात्र 13 साल के थे और 17 साल की उम्र में उनका विवाह जसोदा बेन से हो गया था और प्रधानमंत्री की शादी- ज्यादा दिनों तक नहीं टिकी वह देश की सेवा के लिए उन्होंने अपना घर त्याग दिया और वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर देश की सेवा में लिप्त हो गए उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रचार भी किया और प्रधानमंत्री मोदी जी 1987 में राजनीति से जुड़ गए
आपको बता दे कि मोदी जी के पांच भाई हैं इन पांचों भाइयों में से सबसे बड़े भाई का नाम सोमा मोदी है सोमा जी की उम्र 75 साल है और स्वास्थ्य विभाग में अधिकारी के तौर पर वह काम कर चुके हैं और रिटायर हो गए हैं उनसे दूसरे छोटे भाई का नाम अमृत मोदी है और उनकी उम्र 72 साल है यह एक मशीन ऑपरेटर का काम करते हैं और तीसरे नंबर के स्वयं प्रधानमंत्री मोदी जी हैं
और मोदी जी से छोटे भाई का नाम पहलाद मोदी है जिनकी उम्र 62 साल है और वह अपनी अहमदाबाद में किराने की दुकान चलाते हैं और सबसे छोटा भाई जिनके नाम पंकज मोदी है और वह सूचना विभाग में कार्यरत है
मोदी जी कब बने मुख्यमंत्री
Modi जी सर्वप्रथम 22 दिसंबर 2002 को गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे और प्रधानमंत्री जी ने अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम में मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की थी यह उनके लिए एक बड़ा दिन था स्टेडियम में बीजेपी के दिग्गज नेता शामिल हुए थे उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई थे और लालकृष्ण आडवाणी, जयललिता, बाबूलाल मरांडी और वेंकैया नायडू बहुत सारे नेता शामिल थे और अमित शाह और सौरभ पटेल को पहली बार मंत्री बनाया था आपको बता दें कि उस समय भारतीय जनता पार्टी में करीब 127 सीटें मिली थी और वही कांग्रेस 51 सीटों पर सिमट कर रह गई थी
2002 में गुजरात दंगे में नरेंद्र मोदी को मिली ‘क्लीन चिट
आपको बता दे की 2002 में Modi जी ने उपचुनाव जीता था और तीन दिन के बाद ही गुजरात में सांप्रदायिक दंगे होने लगे जिससे राज्य को काफी नुकसान हुआ और हिंसा का परिणाम यह हुआ कि गुजरात में 58 लोगों की हत्या कर दी गई थी यह हिंसा ऐसे समय में हुई थी जब अयोध्या से आ रही ट्रेन जिसमें काफी सारे यात्री शामिल थे
इसमें ज्यादातर हिंदू यात्री थे उसे समय ट्रेन में आग लगा दी और आपको बता दे कि यह घटना मुसलमानों के विरोध में घटित हुई थी और दंगे पूरे गुजरात में फैल गए और यह दंगे रुकने का नाम नहीं ले रहे थे और इस दंगे में करीब 2000 लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी और उस समय राज्य के मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी थे
और श्री नरेंद्र मोदी जी के ऊपर दंगे फैलाने का आरोप लगा और इस आरोप के चलते मोदी जी को अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी को त्यागना पड़ा और इस्तीफा देना पड़ा नरेंद्र मोदी जी का मुख्यमंत्री का कार्यकाल सिर्फ कुछ ही महीने का था और तभी उन्होंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया
और आपको बता दे की 2008 में इस दंगे की सुप्रीम कोर्ट ने एक जांच कमेटी का दल बनाया इस दल का नाम SIT था जब इस दल ने पूरी तरह जांच पड़ताल करने के बाद 2010 में सुप्रीम कोर्ट के सामने रिपोर्ट पेश की तो उसमें पाया गया कि प्रधानमंत्री जी निर्दोष है और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें ग्रीन सिंगल दे दिया हालांकि इस रिपोर्ट पर 2013 में Modi जी को निर्दोष साबित करने का आरोप लगाया गया था
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