ट्रंप के टैरिफ से अमेरिका को नुकसान अर्थशास्त्रियों ने खोली पोल

दोस्तों जब से अमेरिका ने भारत के निर्यात पर 50 फ़ीसदी टैरिफ लगाया है तब से भारत के कारोबारी लोगो को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है और इस नुकसान के दायरे में कपड़ा बनाने वाले कारीगर और चमड़ा बनाने वाले और झींगा, हैंडीक्राफ्ट अन्य कई लोगों पर असर दिखना प्रारंभ हो चुका है आपको बता दे कि अमेरिका ने भारत के कुछ उत्पादों पर छूट दी है लेकिन एक अनुमान के मुताबिक 65 फ़ीसदी से अधिक निर्यात सीधा-सीधा प्रभावित हो रहा है और भारत के कारोबारी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है

लेकिन दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के अर्थशास्त्री ट्रंप की इस टैरिफ वाली बात को दमनकारी बता रहे हैं और कुछ अर्थशास्त्री यह तक कह रहे हैं कि भारत को दुनिया में व्यापार के लिए अन्य रास्ते तलाशने के लिए प्रेरित करेगा जिससे भारत आत्मनिर्भर बनेगा जिससे  भारत एक नई शक्ति के रूप में उभरेगा 

एक्सपर्ट ने बताया भारत को कितना होगा नुकसान ?

अमेरिका की एक बड़ी जानी मानी इन्वेस्टमेंट कंपनी जैफ़रीज़ के एक्सपर्ट, क्रिस वुड ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि भारत के लिए यह टैरिफ कठोर है और भारत की अर्थव्यवस्था को 55 से 60 अरब डॉलर का सीधा-सीधा नुकसान हो सकता है जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान है आपको बता दें कि ट्रंप की इस टैरिफ वाली नीति से भारत के कुछ खास उद्योग को तबाह कर सकता है इसमें ज्यादा असर किस उद्योग पर पड़ेगा चलिए बताता हूं

कपड़ा उद्योग (Textiles)

आपको बता दे की भारत का कपड़ा उद्योग से करीब 4. करोड लोग सीधे सीधे जुड़े हैं जो जीडीपी का लगभग 2.3% है जरा सोचिये अमेरिका कि इस टैरिफ वाली इस नीति से भारत के साढे 4.5 करोड लोगों की रोजी-रोटी पर फर्क पड़ेगा 

जूते-चप्पल (Footwear)

भारत में जूते चप्पल का बाजार का आकार 2024 में 18.77 बिलियन अमेरिकी डॉलर था और आपको बता दे कि भारत में हर साल 2.5 बिलियन से अधिक जोड़ी जूते चप्पल का निर्माण करता है और जूते चप्पल बनाने वाले भारत में लाखों कारीगर है जिनकी रोजी-रोटी पर इफेक्ट पड़ सकता है 

ज्वेलरी (Jewellery)

दोस्तों ज्वेलरी के काम में भारत के 50 लाख से 70 लाख लोग सीधे तौर पर इस व्यापार से जुड़े हैं और आपको बता दे की जीडीपी में इसका योगदान करीब 7% है जो अपने आप में एक बड़ी बात है अगर अमेरिकी टैरिफ के कारण कारोबार ठप होता है तो 50 से 70 लाख लोगों का रोजगार छिन जाएगा 

हाथ से बनी चीज़ें (Handicrafts)

इस कारोबार में करीब 70 लाख लोग जुड़े हैं अमेरिकी टैरिफ के कारण इनका रोजगार भी जा सकता है 

सबसे ज़्यादा मार किस पर?

सबसे ज्यादा चिंता के बात यह है कि भारत की अर्थव्यवस्था पहले से ही एक मुश्किल दौर से गुजर रही है और भारत में ज्यादातर छोटे कारोबारी काम करते हैं इन छोटे कारोबारी से ही लाखों लोग जुड़े हैं और अमेरिकी टैरिफ के कारण इन छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ देगा जो संभलना मुश्किल हो सकता है 

लेकिन सबसे खास बात यह है कि भारत के सर्विस और आईटी उद्योग पर अमेरिकी टैरिफ का कोई असर नहीं होने वाला है

अर्थशास्त्रियों ने क्या कहा 

आपको बता दे की अमेरिका फंस गया है अमेरिकी रिचर्ड वोल्फ़ ने कहा है की :- अगर आप ऊंचे टैरिफ़ लगाकर भारत के लिए अमेरिका का बाज़ार बंद करेंगे तो भारत को अपने उत्पाद बेचने के लिए दूसरे बाज़ार खोजने पड़ेंगे. भारत अपना निर्यात अमेरिका को नहीं करेगा बल्कि ब्रिक्स के सदस्य देशों को करेगा.

अर्थशास्त्री रिचर्ड वोल्फ़ की धमकी

अगर अमेरिका ने भारत के व्यापार के लिए रास्ते बंद किए तो भारत अपने लिए नए रास्ते जरूर खोजेगा और भारत अपना माल बेचने के लिए नए दोस्त और नए देशों की तलाश करेगा और भारत ब्रिक्स (BRICS) जैसे ग्रुप में और करीब चला जाएगा

आपको बता दें कि ब्रिक्स में आर्थिक और वित्तीय सहयोग और वैश्विक शासन में सुधार करना है ब्रिक्स के सदस्य देश ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात हैं।

ब्रिक्स बनेगा एक नई शक्ति

रिचर्ड वोल्फ़ ने कहा है कि अगर अमेरिका ने भारत के लिए व्यापार के रास्ते बंद किया तो भारत ब्रिक्स (BRICS) का सहारा लेगा और आपको बता दे की ब्रिक्स (BRICS) ग्रुप पहले से ही कहीं ज्यादा मजबूत संगठित और ताकतवर हो जाएगा और यह अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती होगी ब्रिक्स (BRICS) संगठन अगर मजबूत हुआ तो अमेरिका का सीधा-सीधा दुनिया से दबदबा खत्म हो जाएगा

आपको बता दें कि अमेरिका ने भारत को अलग- थलग करने के चक्कर में अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार ली है अमेरिका अपने ही खिलाफ नई वैश्विक ताकत खड़ी कर रहा है जो अमेरिका को मुश्किल में डाल सकती है 

रिचर्ड वोल्फ़ ने अमेरिकी सरकार से कहा “चूहा हाथी को मुक्का मारे”

रिचर्ड वोल्फ़ ने कहा – भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। अमेरिका का भारत को यह बताना कि उसे क्या करना चाहिए, ठीक वैसा ही है जैसे कोई चूहा एक हाथी को मुक्का मारे।”

क्यों लगाया 25% टैरिफ ?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू में 25% का टैरिफ लगाया भारत ने इस टैरिफ का कड़ा विरोध जताया और इसे निरस्त करने की मांग की लेकिन फिर बाद में ट्रंप ने 25% टैरिफ इसलिए लगाया क्योंकि भारत रूस से तेल खरीदता है अब यह टोटल टैरिफ 50% का हो गया है

अमेरिका के बार-बार मना करने के बाद भी भारत रूस से तेल लगातार खरीद रहा है और भारत का साफ कहना है कि यह तेल अपने राष्ट्रीय हित में खरीद रहा है और आपको बता दें कि रूस भारत को भारी डिस्काउंट में यह तेल बेचता है और भारत को भी मोटा मुनाफा होता है

भारत और चीन की दोस्ती बढ़ रही

अमेरिका जहां पहले चाहता था कि भारत और चीन की कभी दोस्ती ना हो और आज अमेरिका की टैरिफ वाली नीति ने भारत और चीन को एक साथ मिला दिया है अगर अमेरिका भारत के लिए व्यापार के रास्ते बंद करता है तो भारत कहीं ना कहीं अपना ठिकाना जरूर ढूंढेगा और वह ठिकाना चीन हो सकता है

भारत में आज से 5 साल पहले गलवान झड़प के बाद चीन की उड़ाने बंद कर दी थी लेकिन 5 साल के लंबे समय के बाद भारत और चीन के बीच की सीधी फ्लाइट्स जाना शुरू हो गई है और भारत को भी चीन की जरूरत इसलिए है क्योंकि भारत को अपने विकास के लिए चीन से सस्ते सोलर पैनल की सख्त जरूरत है

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